Home ज्योतिष जब तक डर रहेगा, तब तक हम काम की शुरुआत नहीं कर...

जब तक डर रहेगा, तब तक हम काम की शुरुआत नहीं कर पाएंगे और सफलता भी नहीं मिलेगी

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐप

एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
  • एक राजकुमार तलवार चलाने से भी डरता था, इसी डर की वजह से वह तलवार चलाना भी नहीं सीख सका

अगर किसी काम की शुरुआत में डर रहता है तो हम उस काम में सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। निडर होकर आगे बढ़ेंगे तो कार्यों में सफलता मिल सकती है। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। जानिए ये कथा…

कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजकुमार तलवार चलाने से भी डरता था। राजा ने राजकुमार को तलवारबाजी सिखाने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

राजकुमार में तलवार चलाने का साहस नहीं था, फिर भी पिता ने किसी तरह राजकुमार को थोड़ी बहुत तलवार चलाना सिखा दी। राजा ने राजकुमार को युद्ध में ले जाने की भी कोशिश कई बार की, लेकिन राजकुमार डर की वजह से युद्ध में नहीं जाता था।

राजा अपने पुत्र का डर दूर करने की कोशिश करते रहते थे, लेकिन राजकुमार की हालत वैसी की वैसी थी। एक दिन उनके राज्य पर दुश्मनों में आक्रमण कर दिया। राजा की सेना के मुकाबले दुश्मनों की सेना बहुत बड़ी थी। कुछ ही समय में राजा के सभी महारथी योद्धा युद्ध में मारे गए। अंत में राजा ही जीवित बचे थे।

जब राजकुमार को मालूम हुआ कि युद्ध में सब कुछ खत्म हो गया है तो वह भी हिम्मत करके महल से बाहर निकला। बाहर निकलते ही उसने देखा कि सामने से दुश्मनों की सेना आगे बढ़ रही है। वह डर गया। अपने महल की ओर भागने के लिए पीछे पलटा तो उसने देखा कि पीछे भी दुश्मनों की सेना ने उसके पिता को बंदी बना लिया है। राजा को बंदी बना देखकर महल के अंदर के सेवकों ने महल का दरवाजा बंद कर दिया, ताकि दुश्मन महल के अंदर न आ सके।

मैदान में राजकुमार अकेला और सामने दुश्मनों की सेना थी। उसके पास दो विकल्प थे। पहला ये कि वह समर्पण कर दे और दूसरा ये कि वह तलवार उठाकर दुश्मनों का सामना करे। राजकुमार ने दूसरा विकल्प चुना। उसने तलवार उठाई और वह दुश्मनों पर टूट पड़ा। राजा द्वारा सिखाई गई तलवारबाजी से वह दुश्मनों पर भारी पड़ने लगा।

राजकुमार को लड़ते देखकर महल के सेवकों को भी जोश आ गया और वे भी लड़ाई में कूद पड़े। कुछ ही देर में उन्होंने दुश्मनों को वहां से खदेड़ दिया और राजा को आजाद करवा लिया।

कथा की सीख

इस प्रसंग की सीख यह है कि जब तक हम डरते हैं, किसी भी काम की शुरुआत नहीं कर पाते हैं। डर की वजह से ही हम सफलता से दूर रहते हैं। निडर होकर काम करने से ही कामयाबी मिल सकती है।

Source link

Most Popular

A Wrinkle in Time isn’t for cynics — or adults

A Wrinkle in Time isn’t for cynics — or adultsA Wrinkle in Time isn’t for cynics — or adultsA Wrinkle in Time isn’t for...

वाणिज्य मंत्रालय ने कार्बन ब्लैक पर एंटी डंपिंग ड्यूटी की अवधि 5 साल और बढ़ाने की सिफारिश की

Hindi NewsBusinessCommerce Min For Extension Of Anti dumping Duty On Carbon Black Used In Rubber IndustryAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए...

नहीं रहे 'राम जाने' जैसी फिल्मों के प्रोड्यूसर प्रवेश सी. मेहरा, एक महीने से कोविड-19 से जूझ रहे थे

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐपएक महीने पहलेकॉपी लिंकशाहरुख खान स्टारर 'चमत्कार' (1992) और 'राम जाने'...

प्याज फसल के लिए जिले का चयन, पांच उद्योग लगेंगे

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐपविदिशा9 दिन पहलेकॉपी लिंकप्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत एक...