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2022 से ग्लोबल स्तर पर ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराएगी वनवेब, स्पेसएक्स और अमेजन से होगा मुकाबला

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नई दिल्ली9 घंटे पहले

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भारती एंटरप्राइजेज वनवेब के संस्थापक सदस्यों में से एक थी। कंपनी में उसकी रणनीतिक हिस्सेदारी थी

  • लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट के जरिए दी जाएगी ब्रांडबैंड सेवा
  • वनवेब ने 648 में से अब तक 74 स्पेसक्राफ्ट ऑर्बिट में भेजे

टेलीकम्युनिकेशन टायकून और भारती एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा है कि सैटेलाइट स्टार्टअप वनवेब 2022 से ग्लोबल स्तर पर ब्रॉडबैंड सेवाएं देना शुरू कर देगा। वनवेब को सुनील मित्तल ने ब्रिटेन सरकार की मदद से बैंकरप्सी से बाहर निकाला है।

मई-जून 2022 से शुरू हो सकती है ब्रॉडबैंड सेवा

यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेश यूनियन और सऊदी अरब कम्युनिकेशन रेगुलेटर CITC की ओर से आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में सुनील मित्तल ने कहा कि मई-जून 2022 से वनवेब की ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इसमें करीब 18 महीने का समय है। मित्तल ने कहा कि वनवेब का सैटेलाइट समूह पूरे ग्लोब और दुनिया की एक-एक इंच को कवर करेगा।

एलन मस्क और जेफ बेजोस से होगा मुकाबला

सैटेलाइट से ब्रॉडबैंड सेवाएं देने के लिए तैयार हो रहे वनवेब का मुकाबला अमेरिका के दिग्गज कारोबारी एलन मस्क और जेफ बेजोस से होगा। एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजी कॉर्प और जेफ बेजोस की अमेजन डॉट कॉम इंक लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट देने की तैयारी कर रही हैं।

ब्रॉडबैंड सेवा की टेस्टिंग कर रही है स्पेसएक्स

वनवेब इसी साल मार्च में ब्रैंकरप्सी में चली गई थी। तब से अब तक एलन मस्क ने अपनी कंपनी स्पेसएक्स के जरिए हजारों सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। स्पेसएक्स इनके जरिए स्टारलिंक सैटेलाइट समूह बना रहा है। स्पेसएक्स अब अपनी सेवाओं का संभावित ग्राहकों के साथ टेस्टिंग कर रही है। हालांकि, वनवेब की तरह स्टारलिंक की सेवा पूरी दुनिया में उपलब्ध नहीं होगी।

वनवेब ने अब तक 74 स्पेसक्राफ्ट ऑर्बिट में भेजे

वनवेब की योजना 648 स्पेसक्राफ्ट ऑर्बिट में भेजने की है। इसमें से अब तक 74 स्पेसक्राफ्ट ऑर्बिट में भेज दिए हैं। कंपनी इसी महीने स्पेसक्राफ्ट की लॉन्चिंग को दोबारा से शुरू करने की योजना बना रही है। हालांकि, सैटेलाइट समूह बनाने के लिए कंपनी अभी तक आवश्यक फंड नहीं जुटा पाई है।

7 बिलियन डॉलर तक की आएगी लागत
648 सैटेलाइट का समूह बनाने में 5.5 से 7 बिलियन डॉलर तक की लागत आएगी। इसका आधा करीब आधा हिस्सा 2 से 2.5 बिलियन डॉलर की राशि का निवेश भारती एयरटेल और ब्रिटिश सरकार करेंगी। शेष राशि का इंतजाम निवेशकों के जरिए किया जाएगा। सुनील मित्तल ने कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।

वन वेब को 2014 में स्थापित किया गया था

वनवेब को उद्यमी ग्रेग वायलार द्वारा 2014 में स्थापित किया गया था। यह लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट बनाता है और हाई स्पीड ब्रॉडबैंड टेलीकॉम सेवा प्रदान करता है। भारती एंटरप्राइजेज वनवेब के संस्थापक सदस्यों में से एक थी। कंपनी में उसकी रणनीतिक हिस्सेदारी थी।

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