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कोरोनावायरस महामारी के बाद देश के इंफॉर्मल सेक्टर्स के कामगारों की पगार में 22.6% की गिरावट आई

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नई दिल्ली10 घंटे पहले

इस साल फॉर्मल सेक्टर्स के कामगारों के वेतन में औसत 3.6% की गिरावट आई है

  • रीयल वेज ग्रोथ के मामले में भारत एशिया प्रशांत के सबसे कम ग्रोथ वाले देशों में शामिल
  • 2015 के बाद भारत का औसत रियल वेज ग्रोथ पाकिस्तान, श्रीलंका और वियतनाम से भी कम

कोरोना संकट के बाद देश के इंफॉर्मल सेक्टर्स के कामगारों की पगार में 22.6 फीसदी की गिरावट आई है। यह बात अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक ताजा रिपोर्ट में कही गई। रिपोर्ट के मुताबिक देश के फॉर्मल सेक्टर्स के कामगारों के वेतन में औसत 3.6 फीसदी की गिरावट आई है।

रीयल वेज ग्रोथ के मामले में भारत एशिया प्रशांत के सबसे कम ग्रोथ वाले देशों में शामिल है। ‘ग्लोबल वेज रिपोर्ट 2020-21: वेजेज एंड मिनिमम वेजेज इन द टाइम ऑफ कोविड-19’ के मुताबिक भारत का रियल वेज ग्रोथ पाकिस्तान, श्रीलंका और वियतनाम से भी कम रहा। ILO ने कहा कि दुनियाभर में कई देशों और क्षेत्रों की सरकारों ने 2020 में न्यूनतम वेतन वृद्धि की घोषणाओं को या तो स्थगित कर दिया या वापस ले लिया। ILO ने इस संदर्भ में मिनिमम वेज की घोषणा को वापस लेने के पंजाब के फैसले का उदाहरण दिया।

2019 में भारत का औसत मासिक ग्रॉस वेज करीब 15,848 रुपए था

ILO ने कहा कि पर्चेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के लिहाज से 2019 में भारत का औसत मासिक ग्रॉस वेज 215 डॉलर (वर्तमान एक्सचेंज रेट पर करीब 15,848 रुपए) था। इस औसत वेतन के साथ भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 30 देशों की सूची में नीचे से तीसरे स्थान पर था। इस क्षेत्र में सिर्फ बांग्लादेश और सोलोमन आईलैंड्स का औसत मासिक ग्रॉस वेज भारत से कम था।

2015 के बाद से भारत के रियल वेज ग्रोथ में लगातार गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक 2015 के बाद से भारत के इंफ्लेशन एडजस्टेड रियल वेज ग्रोथ में लगातार गिरावट आई है। रीयल वेज ग्रोथ 2015 में 2.8 फीसदी, 2016 में 2.6 फीसदी, 2017 में 2.5 फीसदी और 2018 में 0 (शून्य) फीसदी रहा। 2019 के लिए ILO ने आंकड़ा नहीं दिया। 2020 में और गिरावट के साथ यह नेट निगेटिव हो जाएगा। यह कोरोना महामारी के बाद आर्थिक रिकवरी और गरीबी मिटाने की कोशिशों को प्रभावित कर सकता है।

वेज ग्रोथ में भारत अधिकतर पड़ोसी देशों से पीछे

पड़ोसी देशों पाकिस्तान, श्रीलंका, चीन और नेपाल के मुकाबले भारत का रियल वेज ग्रोथ कम है। पाकिस्तान का वेज ग्रोथ 2015 में 8.9 फीसदी और उसके बाद के तीन साल में हर साल 4 फीसदी रहा। इस दौरान वियतनाम को वेज ग्रोथ 3.7 फीसदी से 12.4 फीसदी के बीच रहा। चीन का वेज ग्रोथ इन 4 वर्षों में 5.5 फीसदी से 7 फीसदी के बीच रहा।

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