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बाजार में नहीं मिल रहा सैनेटाइर, तो घबराएं नहीं; घर पर बने ब्लीच और पानी के घोल से भी मिनटों में नष्ट करते सकते हैं कोरोना

हलचल टुडे

Apr 10, 2020, 08:28 PM IST

कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। यह अबतक 209 देशों को अपनी जद में ले चुका है। अबतक 15 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 89 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। शोधकर्ताओं की मानें तो कोरोना कुछ सतहों पर कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। कोरोना का जीवनकाल बदलता रहता है लेकिन ऐसी सतह जिसे ज्यादा छूते हैं उसपर वायरस लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। आम कीटाणुनाशक जैसे लाइजोल, क्लोरॉक्स वाइप्स कई सतहों को साफ कर सकते है लेकिन अमेरिका, भारत समेत कई बाजारों में पैनिक बाइंग के कारण यह आउट ऑफ स्टॉक भी हो गया है। ऐसे में अगर आप को सैनेटाइजर नहीं मिल पा रहा है, तो घर पर ही ब्लीच और पानी के घोल से सैनेटाइजर तैयार कर सकते हैं जो काफी कारगर है।

कोई भी सैनेटाइजर इस्तेमाल करें, लेकिन यह पता होना जरूरी है कि इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है। यानी सैनेटाइजर को अपना काम अच्छी तरह से करने के लिए कितना समय देना जरूरी है, जो ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट तक भी हो सकता है।

आम सैनेटाइजर प्रोडक्ट कैसे इस्तेमाल करें?

  • किसी सतह को कीटाणुरहित करने के लिए यह पता होने बेहद जरूरी है कि इसके लिए कितने समय देने की जरूरत होती है। यानी सैनेटाइजर को सतह से बैक्टीरिया खत्म करने में कितना समय लगता है खासतौर से कोरोना को खत्म करने में। कोई भी सैनेटाइजर तुरंत काम नहीं करता, आम सैनेटाइजर कई मिनट लेते हैं। हालांकि अलग अलग समय होने से यह नहीं कहा जा सकता है कि कौन किससे बेहतर है। लेकिन सिर्फ बैक्टीरिया खत्म करने के समय पर ही ध्यान देने काफी नहीं है।
  • प्रोफेशनल क्लीनिंग सर्विस में ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन देने वाले क्लीनिंग मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के एजुकेशन मैनेजर मार्क वर्नर ने बताया कि पूरी तरह से कीटाणुरहित करने की चार स्टेप्स होती है, यानी प्री-क्लीनिंग, डिसइंफेक्टिंग ( यानी कीटाणु खत्म करने का समय), वाइपिंग क्लीन और पानी से धोना। लेकिन अगल इसमें से दो भी हैं यानी डिसइंफेक्टिंग और वाइप-अप तो भी ठीक है।
  • हैवी सॉलिड सतहों पर जहां धूल बैक्टीरिया को ढक देती है। ऐसे में बेहतर होगा की साबुन और पानी या हाउसहोल्ड क्लीनर का इस्तेमाल करना भी सही रहेगा। इसके बाद वाइपिंग जरूर करें क्योंकि डिसइंफेक्टेंट सतह पर चिपचपा पन छोड़ देते है, जिसपर बैक्टीरिया वापस आ सकते हैं और पानी के धोने के बाद यह प्रक्रिया खत्म होती है। इसका नॉन ब्लीच ऑप्शन भी है, नॉन ब्लीच डिसइंफेक्टेंट्स आमतौर से फेब्रिक और सॉफ्ट मटेरियल के लिए उपयुक्त होता है। जिसे डिसइंफेक्ट की जगह सैनेटाइज किया जाता है।
  • उदाहरण के तौर पर क्लोरॉक्स डिसइंफेक्टिंग वाइप्स वायरस को हटाने में 4 मिनट का समय लेता है। जबकि लाइजोल डिसइंफेक्टिंग वाइप्स भी नॉन ब्लीच डिसइंफेक्टेंट है जो वायरस को हटाने में 10 मिनट का समय लेता है। लेकिन अगर आपके पास यह है जो जरूर इस्तेमाल करें।
  • लाइजोल डिसइंफेक्टेंट स्प्रे और लाइजोल डिसइंफेक्टेंट मैक्स कवर भी उसी तरह के नॉन ब्लीच डिसइंफेक्टेंट है, इसमें एक खास कम्पाउंड इस्तेमाल होता है जिसमें क्वाटरनेरी अमोनियम या आसान भाषा में क्वाट्स भी कहते हैं। यह कठोर सतह है कई फ्रेबिक्स के लिए सुरक्षित है और ब्लीच की तुलना में स्कीन के लिए भी ठीक है, जो हल्का धुआं उत्पन्न करता है। दोनों कठोर सतह से कोरोनावायरस को 10 मिनट में हटा देते हैं लेकिन नर्म सतह को सिर्फ सैनेटाइज करते हैं यानी पूरी तरह से कीटाणुओं को नहीं मारते।
  • लाइजोल किचन प्रो एंटीबैक्टीरियल क्लीनर फेब्रिक के लिए सेफ है क्योंकि इसमें ब्लीच की जगह क्वाट्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह कठोर सतह से सिर्फ दो मिनट में कोरोना का हटा देता है लेकिन सॉफ्ट मटेरियल का सिर्फ सैनेटाइज करता है।
  • ब्लीच बेस्ड डिसइंफेक्टेंट्स: क्लोरॉक्स मल्टी सर्फेस क्लीनर+ ब्लीच का मिश्रण कठोर सतह से सिर्फ एक मिनट में कोरोना से हटा देता है। जैसे की हम बाथरूम, सिंक, टॉयलेट, टाइल पर देखते हैं। किसी भी ब्लीच पर आधारित स्प्रे को सिर्फ कठोर सतह पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि यह फेब्रिक को नुकसान पहुंचा सकता है और स्कीन को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसे इस्तेमाल करते समय कमरे के वैंटिलेशन का ध्यान रखे और हाथों में ग्लोव्स जरूर पहने। क्लोरॉक्स क्लीन-अप क्लीनर+ब्लीच भी ऐसा ही है, यह कठोर सतह को कीटाणुरहित करने में 5 मिनट का समय लेता है।

खुद कैसे बना सकते हैं

  • मान लीजिए कि आपको इनमें से कोई भी प्रोडक्ट नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में घरों में काम आने वाला क्लोरीन ब्लीच और पानी से भी कठोर सतह को डिसइंफेक्ट किया जा सकता है। अगर आपके पास ब्लीच है तो आप खुद ही इसका मिश्रण तैयार कर सकते हैं मिक्सचर बना कर इसे उसे पेपर टॉवल या स्प्रे बॉटल से छिड़काव कर सकते हैं। लेकिन ब्लीच समेत अन्य केमिकल  प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते समय थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।
  • अलग-अलग सोर्सेस रेगुलर ब्लीच का इस्तेमाल करने के लिए ब्लीच और पानी का अलग-अलग अनुपात बताते हैं। सेंटर फॉर डीजीज कंट्रोम एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, 1:48 सॉल्यूशन ( यानी प्रति गैलन पानी में ⅓ कप ब्लीच या 4 चम्मच प्रति क्वार्ट)  ब्लीच कोरोनावायरस के विरुद्ध प्रभावशाली काम करता है। क्लोरॉक्स के मुताबिक 1:32 की अनुपात ( यानी प्रति गैलन पानी में ½ कप ब्लीच या 2 चम्मच प्रति क्वार्ट)। मार्क वर्नर बताते है कि थोड़ा स्ट्रॉगर यानी 1:10 की अनुपात ( यानी प्रति गैलन पानी में 1½ कप ब्लीच या ⅓ कप प्रति क्वार्ट)। कुछ मेडिकल डिसइंफेक्टेंट में यही सॉल्यूशन इस्तेमाल किया जाता है।
  • जिस भी अनुपात में सॉल्यूशन इस्तेमाल करें उसे सतह पर कम से कम 10 मिनट के लिए रहने दें। वर्नल ने इसे नए और अनजान कीटाणु के लिए एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) की गाइडलाइन है। वहीं रेगुलर हाउसहोल्ड ब्लीच के इस्तेमाल के लिए भी ईपीए ने ड्वेल टाइम (dwell time) की लिस्ट जारी की है जिसका मतलब इसके सही इस्तेमाल से कोरोना को हटाया जा सकता है।
  • इसे दिन में एक-दो बार इस्तेमाल करने में जितना जरूरत हो उतना ही मिक्स करें। ब्लीच को इसके ओरिजनल स्टोरेज कंटेनर से निकालने पर वह तेजी से खराब होता है, और दिनोंदिन इसका प्रभाव भी कम होता जाता है। कंटेनर को लाइट से दूर रखने पर इसे ज्यादा समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। बॉटल की एक्सपायरी डेट निकल गई है तो मिश्रण में थोड़ा ज्यादा ब्लीच मिक्स करें और नई बॉटल ढूंढने की कोशिश करें।

इस बात का जरूर ख्याल रखें…

  • ब्लीच इस्तेमाल करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। यह कई फेब्रिक और सॉफ्ट मटेरियल को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा सकती है। इसे ग्लव्स पहनकर ही इस्तेमाल करें। हो सके को जगह को वैंटिलेट करें।
  • इस्तेमाल करने के बाद 10 मिनट के ड्वेल टाइम ( यानी कीटाणु खत्म करने का समय) के बाद इसे साफ करना भी बेहद जरूरी है। छोड़ने पर यह हमेशा के लिए निशान छोड़ सकती है, ब्लीच स्टेनलेस स्टील समेत कई मटेरियल को नुकसान पहुंचाने में सक्षम है।
  • अगर आप पहली बार ब्लीच सॉल्यूशन तैयार कर रहें है तो इसकी बॉटल पर दिए वार्निंग लेबल को जरूर पढ़ लें। इसे स्टोर, क्लीन और हैंडलिंग करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
  • कभी भी ब्लीच को अमोनिया (जैसे विंडो क्लीनर) और एसिड जैसे (व्हाइट विनेगर, रस्ट रिमूवर) के साथ मिक्स न करें। ऐसा करने से यह खतरनाक और जानलेवा गैस बनाता है।

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