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रियल्टी सेक्टर को मिले 15 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज, मजदूरों के हित में मिले लॉकडाउन से आंशिक छूट

  • कोरोनावायरस के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए एनसीएलटी में चल रहे इस सेक्टर से जुड़े सभी केस 6 महीने के लिए निलंबित हों 
  • जीडीपी में रियल एस्टेट सेक्टर का 7 फासदा से ज्यादा योगदान, देश की कुल आबादी में से 11 फीसदी लोगों को मिलता है रोजगार

हलचल टुडे

Apr 09, 2020, 02:18 PM IST

मुंबई. नेशनल रियल इस्टेट डिवेलपमेंट काउंसिल (नरेडको) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोरोनावायरस महामारी के आर्थिक प्रकोप से निपटने के लिए रियल एस्टेट सेक्टर को 200 बिलियन डॉलर यानी करीब 15 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज दिया जाएगा। साथ ही नरेडको ने इस सेक्टर में नौकरी बचाए रखने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट्स को लॉकडाउन से आंशिक छूट देने की बात कही है। रियल एस्टेट सेक्टर के देश की जीडीपी में 7 फीसदी से ज्यादा का योगदान है। यह सेक्टर देश की कुल आबादी में से करीब 11 फीसदी लोगों को रोजगार देता है।

6 माह के लिए निलंबित हों एनसीएलटी में चल रहे सभी केस
नरेडको की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के कारण आई आर्थिक मंदी को देखते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में चल रहे रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े सभी केस कम से कम 6 महीने के लिए निलंबित कर दिए जाएं। बयान में कहा गया है कि जॉब लॉस और लाखों कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की आमदनी के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है। नरेडको के चेयरमैन राजीव तलवार ने कहा है कि हमने मौजूदा हालातों से निपटने के लिए सरकार से एक प्रोत्साहन पैकेज देने का आग्रह किया है। इसके अलावा हम अपनी लेबर फोर्स के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ भी कोई खिलवाड़ नहीं कर रहे हैं।

लॉकडाउन बढ़ने से वर्कफोर्स मिलना मुश्किल हो जाएगा
रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कुछ अन्य लोगों का कहना है कि लॉकडाउन बढ़ने से कंस्ट्रक्शन साइट्स के सामने दोबारा से वर्कफोर्स का इंतजाम करने की बड़ी चुनौती पैदा होगी। इसके अलावा इससे निर्माण में देरी होगी जिससे डवलपर्स को बड़ा नुकसान उठाना होगा क्योंकि मानसून भी नजदीक आ रहा है। नरेडको की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्टॉक प्राइस में तेजी से गिरावट के कारण भारी नुकसान झेल रही कंपनियों के लिए सांस लेने के लिए स्पेस देने की जरूरत है। स्टॉक प्राइस में कमी के कारण ज्यादा नेटवर्थ वाली कंपनियों को विदेशी निवेशकों ने अपने कब्जे में ले लिया है जिसके भारत के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।

कमर्शियल रियल एस्टेट में वेट एंड वॉच की स्थिति
नरेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी का कहना है कि रिटेल आउटलेट्स, मॉल्स, इंटरटेनमें एंड फिटनेस सेंटर्स के बंद होने से कमर्शियल रियल एस्टेट सौदों में वेट एंड वॉच की स्थिति पैदा हो गई है। हीरानंदानी ने कहा कि उन्होंने इस सेक्टर के लिए लोन रीपेमेंट को री-शेड्यूल करने, कर्ज को पुनर्गठित करने के लिए वन टाइम रोलओवर और ब्याज दरों में कटौती जैसे उपाय करने का आग्रह किया है।

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