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'वर्क फ्रॉम होम' में आईटी सेक्टर पूरी तरह फेल, 99.8% कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी घटी; इनमें 3 बातों की कमी देखने को मिली

  • अध्ययन में गया कि 16.97% कर्मचारियों को चुनौतीपूर्ण कार्य देने से प्रेरणा मिलती है
  • 12.7% आईटी कर्मचारी अपने सोशल इंटरेक्शन पर ज्यादा ध्यान देते हैं 

हलचल टुडे

Apr 10, 2020, 08:04 PM IST

मुंबई. देशभर में चल रहे लॉकडाउन के बीच ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम करा रही हैं। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर लगभग सभी कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। हालांकि, एक स्टडी के रिमोट वर्किंग या मुताबिक वर्क फ्रॉम होम में आईटी से जुड़े सिर्फ 0.2 प्रतिशत कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी ही बेहतर है। दरअसल, इनोवेटिव वेंचर साइकी माइंडमैच की रिसर्च के मुताबिक आईटी सेक्टर के 99.8 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इस रिसर्च के दौरान आईटी सेक्टर में जॉब करने वाले 10,000 लोगों से इनपुट लिया गया।

आईटी कर्मचारियों में 3 बातों की कमी

रिसर्च के किए गए अध्ययन से इस बात का संकेत मिलता है कि 99.8 प्रतिशत आईटी कर्मचारियों में कम से कम एक गुण की कमी है, जिसमें सीखने और तलाशने का प्रतिरोध (95%), प्रैक्टिकल कम्युनिकेशन स्किल में कमी (65%) और प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन में कमी (71%) शामिल है।

हर व्यक्ति में एक अलग तरह की फोर्स होती है, जिससे वो अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचान लेता है। कंपनियां अपने कर्मचारियों की पर्सानिलिटी के आधार उनकी प्रोडक्टिविटी को बढ़ा सकती हैं, अध्ययन में इस बात का विरोध किया गया है। क्योंकि रिमोट वर्किंग के दौरान कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी घटी है।

चुनौती से प्रेरित होते हैं कर्मचारी

इसी अध्ययन में आगे कहा गया कि 16.97 प्रतिशत कर्मचारी चुनौती से प्रेरित हैं। ऐसे कर्मचारियों को चुनौतीपूर्ण कार्य दिए जाने चाहिए। वे न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ अपने काम को कर सकते हैं। आइडेंटिफाई किए गए इन 17 प्रतिशत कर्मचारियों को किसी काम को करने के लिए क्लियर कट डायरेक्शन की आवश्यता थी। रिमोट वर्किंग के दौरान कर्मचारियों को इंगेज करने और उन्हें दिए गए काम पर बारीकी से ध्यान देना जरूरी है।

सवालों का जवाब देना जरूरी

आंकड़ों से पता चलता है कि 40.42 प्रतिशत आईटी कर्मचारियों को रिमोटली वर्किंग के दौरान अपने प्रश्नों का उत्तर देने के लिए कार्य करना अनिवार्य हो जाता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो कितना छोटा या बड़ा है। वे अकेले काम करने में सक्षम हैं। इसलिए आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए रिमोट वर्किंग तब तक कोई चैलेंज नहीं है, जब तक वे अपने काम से जुड़े सभी डाउट को क्लियर नहीं करते।

सोशल इंटरेक्शन कर्मचारियों के लिए चुनौती

रिसर्च के अध्ययन से इस बात का पता चलता है कि लगभग 12.7 प्रतिशत आईटी कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो अपने सोशल इंटरेक्शन पर ज्यादा ध्यान देते हैं। जिसके चलते उनके लिए वर्क फ्रॉम होम एक चुनौती बन जाता है। ऐसे कर्मचारियों का मानना है कि वे काम से नहीं डरते, बल्कि उन्हें सोशल इंटरेक्शन कम होने से डर लगता है। जॉब्स के दौरान डेली वर्चुअल कम्युनिकेशंस जरूरी होता है। ऐसे में फेस टू फेस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जोश दिखाना जरूरी हो जाता है।

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