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वैश्विक अर्थव्यवस्था को अगले दो साल में 5 लाख करोड़ डॉलर के नुकसान की संभावना, 1930 के बाद की सबसे गहरी मंदी आएगी

हलचल टुडे

Apr 09, 2020, 01:14 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी के कारण कारोबार के बंद होने और लोगों के घरों में मजबूर रहने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को अगले 2 साल में 5 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा का नुकसान होगा। यह नुकसान जापान के सालाना आउटपुट से ज्यादा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक वॉल स्ट्रीट बैंक्स ने यह चेतावनी दी है। वॉल स्ट्रीट बैंक्स ने चेताया है कि यह 1930 के बाद की सबसे गहरी मंदी जैसे हालात है।

अल्पकालिक होगी मंदी लेकिन उबरने में लगेगा समय
हालांकि, वॉल स्ट्रीट बैंक्स इस मंदी का अल्पकालिक रहने की संभावना जताई है लेकिन कहा है कि इस मंदी के कारण अर्थव्यवस्थाओं को होने वाले नुकसान की भरपाई में लंबा समय लगेगा। मौद्रिक और राजकोषीय प्रोत्साहन के बाद भी सकल घरेलू उत्पादों को कोरोना महामारी से पहले के स्तर पर पहुंचने में 2022 तक का समय लगेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा हालात एक दशक पहले के वैश्विक वित्तीय संकट के ही समान हैं। हालांकि, तब जताए गए अनुमानों की तुलना में रिकवरी अभी भी धीमी है।

तेजी लाने के लिए बड़े पैमाने पर पॉलिसी बनाने की जरूरत
वॉल स्ट्रीट बैंक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा हालातों से निपटने और अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए पॉलिसी निर्माताओं को बड़े पैमाने पर पॉलिसी बनाने की जरूरत है। हालांकि, पॉलिसी निर्माताओं को अर्थव्यवस्था को तेजी से खोलने और वायरस को दोबारा लौटने की अनुमति देने से बचना चाहिए। वैश्विक अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर के नुकसान का अनुमान जताने वाली सिटीग्रुप इंक की मुख्य अर्थशास्त्री कैथरीन मैन का कहना है कि यदि आपका रास्ता सही है तो यह कारोबार का विश्वास बढ़ाने और लोगों को नौकरी पर जाने में मदद करेगा। यह अर्थव्यवस्था के लिए इस साल की दूसरी छमाही और 2021 के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा।

इस साल के अंत तक वैश्विक जीडीपी को 8 फीसदी का नुकसान
जेपी मॉर्गन एंड कंपनी के अर्थशास्त्रियों ने इस साल के अंत तक 5.5 लाख करोड़ डॉलर या वैश्विक जीडीपी को करीब 8 फीसदी नुकसान होने की संभावना जताई है। इन अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह नुकसान उन विकासशील देशों की जीडीपी के बराबर है जिन्होंने 2008-2009 और 1974-1975 की आर्थिक मंदी देखी है। वहीं मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि सरकारों की ओर से आक्रामक रूख अपनाने के बावजूद विकसित देशों में जीडीपी को कोरोना महामारी से पहले के स्तर तक लौटने में 2021 की तीसरी तिमाही तक का समय लग सकता है। ड्यूश बैंक एजी का कहना है कि कोरोनावायरस महामारी के कारण अकेले अमेरिका और यूरोपियन यूनियन की अर्थव्यवस्थाओं को 1 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान हो सकता है और इससे उबरने में 2021 के अंत तक का समय लग सकता है।

विश्व व्यापार बुरी तरह से प्रभावित होगा
विश्व व्यापार संगठन ने बुधवार को कहा है कि कोरोनावायरस महामारी के कारण विश्व व्यापार का तरीका विश्व युद्ध के बाद जैसे हालातों की तरह बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। वहीं, कोरोना महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपना ताजा अनुमान जारी नहीं किया है। इसके अगले सप्ताह जारी होने की उम्मीद है। उधर, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने इसी सप्ताह कहा है कि कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया में 1 अरब से ज्यादा लोगों की सैलरी में कटौती या नौकरी जाने का खतरा बना हुआ है।

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