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ज्वाइंट होम लोन लेने पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत मिलता है टैक्स छूट का लाभ

हलचल टुडे

Mar 27, 2020, 04:24 PM IST

बिजनेस डेस्क। इन दिनों अगर आप घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं और उसके लिए आप लोन लेने का सोच जाहे हैं तो ज्वाइंट होम लोन आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। घर खरीदते वक्त ज्वाइंट होम लोन लेना इसलिए अच्छा होता है, क्योंकि जहां एक तरफ यह लोन मिलने वाली राशि को बढ़ाता है, वहीं दूसरी तरफ टैक्स की सेविंग में भी काफी मदद करता है। इसके अलावा यह लोन मिलने के बाद ईएमआई का बोझ भी कम करता है। आइए जानते हैं कि ज्वॉइंट होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

ज्वॉइंट होम लोन से जुड़ी खास बातें…

  • होम लोन लेते वक्त यह बहुत ही अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह टैक्स में अच्छे से सेविंग देता है। सिंगल होम लोन में केवल होम लोन लेने वाले को ही टैक्स बेनेफिट मिलता है, जबकि ज्वाइंट होम लोन में लोन में भागीदारी करने वाले का भी टैक्स बचता है।
  • इसके अलावा इसका बड़ा फ़ायदा यह है कि आपके लोन की रकम भी आपको ज़्यादा मिल सकती है, क्योंकि बैंक लोन देते वक्त दोनों आवेदकों की इनकम को ध्यान में रखकर लोन देगा।
  • पहले आप यह समझ लें कि होम लोन में इनकम टैक्स एक्ट के किस सेक्शन के तहत टैक्स बचाया जा सकता है। इनकम टैक्स एक्ट में होम लोन के तहत दो एक्ट आते हैं।
  • ज्यादातर घर खरीदार होम लोन पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C और 24b के भीतर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट के बारे में जानकारी होती है। लोन लेने वाला व्यक्ति सेक्शन 24b के तहत ब्याज को हर साल 2 लाख रुपए तक डिडक्शन की तरह ले सकता है जबकि प्रिंसिपल अमाउंट पर सेक्शन 80C के भीतर साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की डिडक्शन मिलती है।
  • ज्वाइंट होम लोन के लिए आवेदन करने से दोनों कर्ज ले रहे व्यक्ति अलग से इन टैक्स बेनेफिट का फायदा ले सकते हैं। हालांकि दोनों साथ में एप्लीकेंट के साथ मालिक भी हैं, तभी वे टैक्स बेनेफिट अलग से ले सकते हैं।
  • बहुत से कर्जदाता महिला को-एप्लीकेंट के लिए होम लोन की अलग ब्याज दर देते हैं. ये दर आम तौर पर रेट से लगभग 0.05 फीसदी (5 बेसिस प्वॉइंट्स) कम होती है। इस छूट के फायदे को लेने के लिए महिला को प्रॉपर्टी का खुद या ज्वॉइंट तौर पर मालिक होना चाहिए।
  •  ज्यादातर बैंक महिला को को-एप्लीकेंट तभी मानते हैं, जब वह प्रॉपर्टी की मालिक या साथ में मालिक है या लोन की योग्यता या भुगतान करने की क्षमता का आंकलन करते समय उसकी आय को विचार में लिया गया है।
  • अगर परिवार में दो लोग कमाने वाले हैं और जो प्रॉपर्टी आपने खरीदी है, उसमें भाई-बहन को छोड़कर परिवार के अन्य सदस्यों जैसे कि मां-बेटा, मां-बेटी, पिता-बेटा, पिता बेटी या फिर वाइफ-हसबैंड का नाम है तो बैंक आपको ज्वाइंट लोन अकाउंट खोलने के लिए कह सकता है।
  • एक बड़े सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अधिकतर बैंक भाई-बहन के साथ ज्वाइंट होम लोन नहीं देते। जबकि माता-पिता, पति या पत्नी के साथ ज्वाइंट होम लोन आसानी से मिल जाता है।

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