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पूरी दुनिया में यूनिवर्सल मास्किंग को लागू करने की मांग, जानें एक्सपर्ट्स की क्या राय है

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27 मिनट पहले

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  • भारत सरकार ने ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है

दुनियाभर में कोरोनावायरस को आए 11 महीने हो चुके हैं। भारत की बात करें तो जनवरी के आखिर में पहला केस सामने आया था। कोरोना से बचने और उसके प्रभाव को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए। इसमें हाथों को बार- बार धोना या सैनेटाइज करना, मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग रखना जैसे कदम शामिल हैं।

मास्क पहनना एक जरूरी और कारगर कदम था। दुनियाभर में कई तरह के मास्क इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जिनमें होममेड फिल्टर, सर्जिकल मास्क, थ्री लेयर और N95 मास्क शामिल हैं। इस बात को लेकर भी लोगों में अक्सर कन्फ्यूजन रहता है कि किस मास्क को पहनना चाहिए और किसे नहीं।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मास्क पहनना पूरी दुनिया में जरूरी कर देना चाहिए। क्योंकि मास्क वायरस कोरोना के प्रसार को भी कम करता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन कोविड-19 रिस्पॉन्स प्रोग्राम के मेडिकल एक्सपर्ट जॉन ब्रुक्स कहते हैं- जितना ज्यादा लोग मास्क पहनेंगे, उतना ज्यादा वे खुद और खुद की कम्युनिटी को सुरक्षित रख पाएंगे।

मास्क लेकर भारत में क्या गाइडलाइन है?

  • 4 महीने पहले भारत सरकार ने N-95 मास्क के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसकी वजह यह थी कि N-95 मास्क में वॉल्व लगा होता है, वह वायरस रोकने में मदद नहीं करता।
  • भारत सरकार ने ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
  • घर पर बना यानी होममेड मास्क भी पहन सकते हैं। मास्क को बनाने के लिए किसी भी सूती कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • मास्क रोज धोने और साफ करने के निर्देश थे। इसमें कहा गया था कि हर दो दिन में मास्क को गर्म पानी में उबाल कर उसे इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • भारत सरकार की गाइडलाइन में मास्क किसी के साथ शेयर न करने और परिवार के हर सदस्य का अलग मास्क रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मास्क पहनने पर एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिक क्या सोचते हैं?

  • ब्रुक्स के अनुसार मास्क पहनने के कई फायदे हैं। इसे पहनने से संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। यह लॉकडाउन लगने और आर्थिक नुकसान से बचाता है। अगर यह हमें शटडाउन करने से नहीं रोक सकता, लेकिन यह कोरोना के उच्च स्तर को नीचे लाने में मदद कर सकता है।
  • दूसरे एक्सपर्ट्स का सोचना है कि अकेले मास्क पहनना ही कोविड को रोकने में मदद नहीं करता है। फोर्ट कोलिंस स्थित कोलारेडो स्टेट यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ इंजीनियर जॉन वोल्केन्स का कहना है कि कम्युनिटी स्प्रेड को कंट्रोल करने और लोगों की प्रोटेक्शन करने के लिए मास्क के अलावा कई तरह के अप्रोच की जरूरत है।
  • इसको लेकर अगस्त में डॉ. वोल्केन्स अमेरिका की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस, इंजीनियरिंग और मेडिसिन के लिए एक वर्कशॉप भी कर चुके हैं। इसमें हवा में होने वाले वायरस के ट्रांसमिशन को रोकने पर चर्चा की गई। मास्क इस तरह के वायरस रोकने के लिए अहम उपाय है। इसको लेकर वैज्ञानिकों में भी आम सहमति है।

वायरस से बचने के लिए कौन-सा मास्क बेहतर रहेगा?

  • चेहरे को ढकने के लिए मास्क का उपयोग होता है। सर्जिकल मास्क, थ्री लेयर मास्क को बेहतर मास्क बताया गया है। N-95 मास्क के उपयोग पर आईसीएमआर ने रोक लगा दी थी। सर्जिकल मास्क, थ्री लेयर मास्क हेल्थ वर्कर्स के लिए हैं, जो मरीज को ठीक करने में जुटे हुए हैं।
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आम नागरिकों के लिए होममेड फिल्टर, सर्जिकल मास्क और थ्री लेयर मास्क बेहतर है। यह रि-यूजेबल भी होते हैं और धोया भी जा सकता है। जबकि सर्जिकल और N95 मास्क एक से दो बार पहनने के बाद खराब हो जाते हैं।

मास्क इन्फेक्टेड मरीजों को संक्रमण के प्रसार से रोकता है

  • कई स्टडी दावा करती हैं कि मास्क पहनने से प्रोटेक्शन रहता है। लेकिन कितना प्रोटेक्शन रहता है, यह सवाल अभी भी क्लियर नहीं है।
  • अमेरिका की डॉ. लियाना वेन का कहती है कि मास्क पहनने से 100% प्रोटेक्शन नहीं रहता है। इसलिए यूनिवर्सल मास्किंग जरूरी है।
  • एक्सपर्ट लिंसे मर्र का कहना है कि मास्क को लेकर अब तक कोई अच्छी स्टडी नहीं हो पाई है। कुछ स्टडी जरूर कहती हैं कि कपड़े का मास्क सुरक्षित रखता है।
  • डॉ ब्रुक्स का कहना है कि कपड़े का मास्क और सर्जिकल मास्क जरूरी है। मास्क पहनने से आप अपनी और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं।

वैक्सीन और दवाई की स्टडी से ज्यादा मुश्किल है मास्क की स्टडी

  • मास्क कितना प्रोटेक्ट कर सकते हैं, इसकी स्टडी को लेकर कई बार मेडिकल ट्रायल की बात की गई। लेकिन ऐसा संभव नहीं था।
  • डॉ. वोल्केन्स का कहना है कि ऐसा कोई उदाहरण बताओ कि हाथ धोने को लेकर कोई क्लिनिकल ट्रायल हुआ हो। हम सभी मानते हैं कि स्मोकिंग से कैंसर होता है। अगर इसका क्लिनिकल ट्रायल नहीं होगा तो हम यकीन नहीं करेंगे?

अकेले मास्क से संक्रमण नहीं रुक सकता

  • एक्सपर्ट्स की मानें तो मास्क संक्रमण प्रसार को धीमे कर सकता है। लेकिन इसके साथ सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड सैनेटाइज करना, साफ सफाई रखना भी जरूरी है। डॉ मर्र का कहना है कि इनमें से कुछ भी पूरी तरह इफेक्टिव नहीं है। लेकिन जब हम सभी चीज का ख्याल रखेंगे तो हम संक्रमण से बच सकते हैं। वहीं डॉ. ब्रुक्स का कहना है कि यूनिवर्सल मास्किंग पॉलिसी लॉकडाउन लगने से रोकने में मदद कर सकती है।

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