Home राज्य जबलपुर में सराफा व्यापारी की बेटी स्वस्थ होकर घर लौटी; कहा- डॉक्टर...

जबलपुर में सराफा व्यापारी की बेटी स्वस्थ होकर घर लौटी; कहा- डॉक्टर भगवान से कम नहीं, इसलिए मैं डरी नहीं, पता था ठीक हो जाऊंगी 

  • सराफा व्यापारी मुकेश अग्रवाल और पत्नी के बाद अब बेटी पलक अग्रवाल भी स्वस्थ हुईं, 14 दिन घर में रहेंगी क्वारैंटाइन 
  • शहर में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या अब 5 हुई, अब तक जबलपुर में कोरोना के 10 मामले सामने आए 

हलचल टुडे

Apr 11, 2020, 03:38 PM IST

जबलपुर. जबलपुर में मध्य प्रदेश के पहले कोरोना पॉजीटिव सराफा व्यापारी मुकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी के बाद अब उनकी बेटी पलक अग्रवाल भी स्वस्थ हो गई हैं। शनिवार को डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके साथ ही शहर में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। ठीक होने के बाद पलक ने जबलपुर शहरवासियों का शुक्रिया कहा है और डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं। बस हौसला बनाए रखिए, आप ठीक हो जाएंगे। जबलपुर में अब तक 5 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। वहीं 4 की हालत स्थिर है। एक नया केस शनिवार को सुबह आया है, उसे इंदौर से जबलपुर जेल शिफ्ट किया गया था।  

अस्पताल से  डिस्चार्ज होने के बाद पलक अग्रवाल ने क्या कहा- उन्हीं की जुबानी… 

जबलपुर एक छोटा सा शहर है लेकिन यहां पर मेडिकेशन की इतनी अच्छी सुविधाएं हैं कि मैं शॉक्ड थी। अच्छी मेडिकल फैसेलिटीज के बीच मेरा बहुत अच्छा इलाज हुआ और मेरे पापा का भी बहुत अच्छा इलाज किया। मुझे ऐसी बहुत ज्यादा बीमारी नहीं थी, लेकिन सबने बहुत अच्छे से केयर किया। जो पहले की नर्स हैं वह भी मुझे चार-चार बार कॉल करके पूछती रहती हैं। बहुत अच्छा स्टाफ है मैं अपनी इन नर्सेज को सबसे ज्यादा थैंक्यू बोलना चाहूंगी। जबलपुर शहर को भी बहुत-बहुत थैंक्यू। कई लोग थे, जिन्होंने हमारे साथ पूजा कर रहे थे, हमारे ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे थे और यहां के डॉक्टर तो भगवान हैं। उन्हीं की वजह से सारे लोग ठीक होकर घर जा रहे हैं।

अपनी मां और पिता के ठीक होने के बाद कैसे फाइट की…

मैं थोड़ा असमंजस में थी कि मेरी कोरोना रिपोर्ट फिर से कैसे पॉजिटिव आ गई। मुझे लगा कि डॉक्टरों ने ज्यादा स्ट्रांग दवाइयां नहीं दी होंगी क्योंकि हमारा इम्युन सिस्टम ज्यादा मजबूत है और वो ठीक हो जाएगी। इस दाैरान मुझे इतनी ज्यादा फोन कॉल आ रही थी। सारे लोग उत्साहित कर रहे थे आपको तो ठीक होना ही है। बाकी जब इस हॉस्पिटल के स्टाफ-नर्सेस और डॉक्टर्स ने इतना सपोर्ट किया कि मुझे जरा भी डर नहीं लगा। इन सबकी वजह से मैं बिल्कुल नहीं डरी। मुझे बुरा जरूर लग रहा था कि मैं कोरोना संक्रमित हो गई हूं, इसके बाद भी मुझे कॉन्फिडेंस था कि यहां का स्टाफ और डॉक्टर इतने अच्छे हैं तो मुझे ठीक होना ही है। और कोरोना से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। यह ठीक हो जाएगा बस आप हिम्मत बनाए रखिए। 

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