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तीन साल से ब्रांडेड कंपनियों का लेबल लगाकर बेच रहा था, 50 रुपए लागत, छह गुना मुनाफा

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जबलपुरएक घंटा पहले

ब्रांडेड कंपनियों के इन डिब्बों में भरकर नकली ऑइल बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

  • मदनमहल और लार्डगंज क्षेत्र में दो जगह दी दबिश
  • 19 हजार लीटर ऑइल और 600 किलो ग्रीस समेत अन्य सामान जब्त

नकली मसाला, घी और खाद के बाद अब जबलपुर में गाड़ियों में उपयोग होने वाला नकली ऑइल का भंडाफोड़ किया गया है। क्राइम ब्रांच ने पहले मदनमहल और फिर लार्डगंज में दो जगह दबिश देकर 19 हजार लीटर ऑइल, 600 किलो ग्रीस, ब्रांडेड कंपनियों के डिब्बे व अन्य सामग्री जब्त की है। आरोपी दिल्ली से सस्ते रिफाइंड ऑइल व कलर मिक्स कर ब्रांडेड कंपनियों के डिब्बों में पैकिंग कर बेचते थे। 50 रुपए की लागत में तैयार एक डिब्बे को वे 180 रुपए से लेकर 335 रुपए कीमत दर्शा कर बेचते थे। दोनों ही मामलों में मदनमहल व लार्डगंज में केस दर्ज किया गया है।

रानीताल चौक के पास हनुमान पेट्रोलियम प्रोडक्ट के संचालक रोहित जैन के घर क्राइम ब्रांच और मदनमहल पुलिस ने बुधवार देर रात दबिश दी। उसके घर नामी ब्रांडेड कंपनी के 40 डिब्बे, तीन ड्रम में लगभग 260 लीटर ऑइल के अलावा विभिन्न ब्रांडेड कंपनियाें कैस्ट्रॉल, सर्वो, होंडा फोर स्ट्रोक, एचआईपी, ईआरई, गल्फ, हीरो के खाली डिब्बे, स्टीकर, ढक्कन, तीन पंप, ड्रायर मशीन आदि जब्त किए गए। ये सामग्री अंकित दिल्ली से मंगवाता था।

जीआईएसटीएन नंबर तक फर्जी
अंकित जैन के घर से लेटर पैड मिला है, जिस पर जीआईएसटीएन नंबर भी दर्ज था, जो फर्जी निकला। लेटर पैड पर अंकित नंबर तक फर्जी मिले। सभी सामान कैस्ट्रॉल के कार्टून व बोरों में भरा था। ब्रांड एडी रिस्क एवं मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर इंवेस्टिगेटर राजू सक्सेना ने बताया कि उक्त कैस्ट्रॉल नकली है। जब्त डिब्बों की पैकिंग भी नकली है। अंकित ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले तीन साल से नकली ऑइल बनाकर विभिन्न दुकानों पर बेचता था।

आरोपी कंपनियों के कार्टून में पैक कर ऑइल बेचता था।

आरोपी कंपनियों के कार्टून में पैक कर ऑइल बेचता था।

शहर में 60 प्रतिशत खपत नकली ऑइल
वहीं, राजू ने बताया कि शहर में 40 प्रतिशत ही ब्रांडेड ऑइल बिक रहे हैं। 60 फीसदी मिलावटी ऑइल बिक रहा है। इसके लगातार उपयोग से वाहन का इंजिन जल्द सीज हो जाएगा। आरोपी अंकित जैन ने पूछताछ में बताया कि 40 रुपए प्रति लीटर उसे तेल और 10 रुपए की दर से डिब्बे दिल्ली में मिलता था। 50 रुपए की लागत वाले इस ऑइल को वह दुकानदारों को 100 से 120 रुपए में देता था। दुकानदार उसे अलग-अलग कंपनियों की दर से 180 से 300 रुपए में बेचते थे। आरोपी के घर से जो कार्टून जब्त हुआ, उसमें 900 एमएल के 20 पैक की कीमत 6560 रुपए अंकित करता था, जबकि इसे तैयार करने की लागत महज एक हजार रुपए थी।

मदनमहल थाने में दर्ज हुआ केस
टीआई मदनमहल नीरज वर्मा ने बताया कि ब्रांड एडी रिस्क एवं मैनेजमेंट प्राईवेट लिमिटेड के सीनियर इंवेस्टिगेटर राजू सक्सेना की शिकायत पर आरोपी रानीताल निवासी रोहित जैन के खिलाफ धारा 481, 482, 483, 484, 487, 488, 489, 420 भादवि व कॉपीराइट एक्ट की धारा 51ए, 52ए, 63, 65, 68ए और 103, 104 ट्रेडमार्क अधिनियम का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी से उन दुकानों की जानकारी प्राप्त की जा रही है, जहां वह लंबे समय से इसे बेचता था।

बल्देवबाग में जब्त किया ऑइल व ग्रीस।

बल्देवबाग में जब्त किया ऑइल व ग्रीस।

पूछताछ के आधार पर बल्देवबाग में कार्रवाई
अंकित जैन से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर टीम ने बल्देवबाग स्थित लक्ष्मी केमिकल वर्क्स नाम की दुकान पर दबिश दी। दुकान में रिफाइन लुब्रिकेंट ऑइल के भरे 88 ड्रम, छह आधे ड्रम व ग्रीस के भरे तीन ड्रम, 60 खाली ड्रम, एक कलर का छोटा डिब्बा, ड्रम से ऑइल निकालने का पंप, तेल छानने की बड़ी छन्नी, इलेक्ट्रिक इंडक्शन, दो बाल्टी जब्त किया।

फायर विभाग का एनओसी व भंडारण का प्रमाण पत्र नहीं

दुकान संचालक शीतलपुरी कोतवाली निवासी नवीन जैन मौके पर अग्निशमन विभाग का प्रमाण पत्र और ज्वलनशील पदार्थ भंडारण का प्रमाण पत्र पेश नहीं कर पाया। हालांकि यहां जब्त सामग्री नकली नहीं मिला। आरोपी नवीन के खिलाफ लार्डगंज थाने में धारा 285 भादवि, 3,7 आवश्यक वस्तु अधिनियम का प्रकरण दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया।

असली-नकली में ऐसे करें पहचान
ब्रांड एडी रिस्क एवं मैनेजमेंट प्राईवेट लिमिटेड के सीनियर इंवेस्टिगेटर राजू सक्सेना के मुताबिक असली व नकली मोबिल आयल की पहचान करना काफी सरल है। असली आयल के ढक्कन, तली व डिब्बे के सामने बार-कोड होता है। उसे स्कैन करेंगे तो पूरी जानकारी मिल जाएगी। मोबाइल में बार-कोड एप के माध्यम से इसे कोई भी स्कैन कर सकता है। जबकि नकली वाले उत्पाद में बार-कोड का दिखावा तो किया जाता है, लेकिन कुछ रीड नहीं होगा।

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