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भाजपा ने हैदराबाद के पुराने नाम भाग्य नगर को मुद्दा बनाया, इतिहासकारों से जानिए पूरा सच

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37 मिनट पहले

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क्या हो रहा है वायरल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 नवंबर को हैदराबाद का नाम बदलकर ‘भाग्य नगर’ रखे जाने का मुद्दा उठाया। एक रोड शो में लोगों को संबोधित करते हुए योगी ने कहा- कुछ लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्य नगर रखा जा सकता है? मैंने कहा क्यों नहीं ?

योगी के बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्य नगर ही था।

हैदराबाद के नगर निकाय चुनाव प्रचार में गृह मंत्री अमित शाह, यूपी सीएम योगी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हुए थे। 2 साल पुरानी मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हैदराबाद की गोशामहल सीट से बीजेपी के विधायक राजा सिंह समेत कई नेता पहले भी ये दावा कर चुके हैं कि हैदराबाद का प्राचीन नाम ‘भाग्य नगर’ है। नगर निकाय चुनाव में योगी ने फिर इस मुद्दे को उठाया।

और सच क्या है?

  • हैदराबाद जिला प्रशासन की ऑफिशियल वेबसाइट पर शहर के इतिहास से जुड़ी जानकारी भी है। यहां ऐसा कोई उल्लेख हमें नहीं मिला, जिससे पुष्टि होती हो कि हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्य नगर है।
  • IIT हैदराबाद की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी हमें हैदराबाद के इतिहास से जुड़ा एक दस्तावेज मिला। इसके अनुसार, कुली कुतुब शाह के राज में सन् 1591 में शहर के रूप में हैदराबाद अस्तित्व में आया था। इस शहर का प्राचीन नाम गोलकुंडा था।
  • 1512 में कुली कुतुब शाह ने बहमनी साम्राज्य से सत्ता छीनी और गोलकुंडा की स्थापना की। ‘गोलकुंडा’ नाम की जड़ें 11वीं शताब्दी में मिलती हैं, जिस समय दक्षिण भारत के अधिकतर हिस्से में काकतीय वंश का शासन था। काकतीय वंश ने हैदराबाद में ‘गोलकुंडा’ नाम का किला बनवाया था, जो आज भी है।
  • तेलंगाना राज्य के पर्यटन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी ‘गोलकुंडा’ किले के बारे में बताया गया है। इससे पुष्टि होती है कि ये किला 11वीं शताब्दी में बनना शुरू हुआ था। जिस पहाड़ी पर गोलकुंडा किला बनाया गया, उसे शुरुआत में Shepherd’s Hill कहा जाता था, तेलुगू में इसका अनुवाद गोला कोंडा था, जिसके बाद गोलकुंडा नाम पड़ा।
  • IIT हैदराबाद की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेज या तेलंगाना सरकार द्वारा इंटरनेट पर अपलोड की गई आधिकारिक जानकारी से ये पुष्टि नहीं होती है कि हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्य नगर था।
  • हलचल टुडे ने सूफी स्टोरी टेलर और निजाम परिवार के वंशज हसीब जाफरी से संपर्क किया। वे कहते हैं, भाग्यमती और मोहम्मद कुली कुतुब शाह के बीच प्रेम से जुड़ी एक कहानी प्रचलित है। भाग्यमती नाम के कैरेक्टर के आधार पर ही ये दावा किया जाता है कि हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्य नगर था। हालांकि, इतिहास में भाग्यमती का कोई प्रमाण नहीं मिलता। हैदराबाद का नाम बागनगर जरूर रहा है, लेकिन भाग्य नगर होने की बात इतिहास के दृष्टिकोण से निराधार है।
  • हसीब जाफरी के अनुसार, कुली कुतुब शाह की रचनाओं में उनकी पत्नियों और प्रेमिकाओं के नामों का भी उल्लेख मिलता है। इनमें कई गैर-मुस्लिम भी हैं। लेकिन, उनकी किसी भी रचना में भाग्यमती नाम का उल्लेख नहीं है।
  • डेक्कन क्रॉनिकल वेबसाइट पर हमें 2 साल पुराना एक लेख मिला। जिसमें इतिहासकार प्रो. सलमा अहमद फारूकी ने हैदराबाद का प्राचीन नाम ‘भाग्य नगर’ होने के दावे को पूरी तरह निराधार बताया है। प्रो. सलमा के अनुसार, एक फ्रांसीसी घुमक्कड़ ने हैदराबाद के बारे में बताते हुए गोलकुंडा किले के आसपास के बागों का जिक्र किया था। जिस वजह से उर्दू शब्द ‘बाग’ का इस्तेमाल हैदराबाद के लिए किया जाने लगा। इस वजह से हैदराबाद का नाम कुछ समय ‘बागनगर’ रहा, लेकिन भाग्य नगर होने के कोई प्रमाण नहीं है।
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा फेक है कि हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्य नगर था।

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