Home राष्ट्रीय हां या ना का पोस्टर दिखाकर मौन साधे रहे किसान, सरकार से...

हां या ना का पोस्टर दिखाकर मौन साधे रहे किसान, सरकार से बोले- हमारे पास इतना सामान कि सालभर आंदोलन चला लेंगे

  • Hindi News
  • National
  • By Showing The Poster Of Yes Or No, The Farmers Kept Silent, Said To The Government We Have So Much Stuff That We Will Run The Movement Throughout The Year

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐप

नई दिल्ली12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्रियों से हां और ना में जवाब जानने के लिए किसानों ने पोस्टर तैयार किया। बैठक खत्म होने के बाद इन पोस्टर को मीडिया से भी शेयर किया।

सरकार और किसानों के बीच पांचवें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही। दिल्ली में शनिवार को हुई बैठक में किसानों ने 5 तरह से तल्खी दिखाई। कभी वे मुंह पर उंगली रखकर मौन साधकर बैठ गए तो कभी कड़े शब्दों में सरकार को अल्टीमेटम दिया। पढ़ें, विज्ञान भवन में हुई इस बैठक में किसानों की तल्खी का तरीका क्या रहा…

1. मौन व्रत
सरकार और किसानों के बीच बैठक को चार घंटे गुजर चुके थे। कोई हल निकलता नहीं दिख रहा था। इसके बाद किसानों ने मौन व्रत अपना लिया। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोमप्रकाश अपनी बात रखते रहे, लेकिन किसान मुंह पर उंगली रखकर बैठ गए। वे सरकार से अपनी मांगों पर हां या ना में यह जवाब चाहते थे कि सरकार कृषि कानूनों को खत्म करेगी या नहीं? कुछ किसानों ने मुंह पर उंगली रखकर हां या ना लिखा पोस्टर भी आगे कर दिया।

2. फिर अपना खाना साथ लाए
मीटिंग के दौरान दोपहर करीब 4 बजे लंच ब्रेक हुआ। गुरुवार को हुई पिछली बैठक की तरह इस बैठक में भी किसानों ने सरकारी खाना नहीं खाया। किसान नेताओं के लिए कार सेवा के जरिए खाना लाया गया, जिसे उन्होंने जमीन पर बैठकर खाया। वे पानी और चाय तक अपने साथ लाए थे।

3. वॉकआउट का अल्टीमेटम
बैठक के दौरान एक बार स्थिति इतनी तल्ख हो गई कि किसानों ने सरकार से यह तक कह दिया कि या तो आप हमारी मांगों पर फैसला करें, नहीं तो हम मीटिंग छोड़कर जा रहे हैं।

4. हमारे पास सालभर आंदोलन के इंतजाम
बैठक के दौरान किसानों ने सरकार से यह भी कहा कि हम पिछले कई दिनों से सड़कों पर हैं। हमारे पास एक साल की व्यवस्था है। अगर सरकार यही चाहती है तो हमें कोई दिक्कत नहीं। हम हिंसा का रास्ता भी नहीं अपनाएंगे। इंटेलीजेंस ब्यूरो आपको बता देगी कि हम धरनास्थल पर क्या कर रहे हैं।

लंच ब्रेक के दौरान किसानों ने प्रदर्शन स्थल से अपना खाना मंगवाया।

लंच ब्रेक के दौरान किसानों ने प्रदर्शन स्थल से अपना खाना मंगवाया।

5. हमें कॉर्पोरेट फार्मिंग नहीं चाहिए, कानून रद्द करें
किसानों ने सरकार से कहा कि हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते। इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसानों को नहीं। किसान नेताओं ने कहा कि कृषि कानून मंडी व्यवस्था और मिनिमम सपोर्ट प्राइस को खत्म करने के लिए है। इससे कॉर्पोरेट्स को फायदा होगा। कानून रद्द करने से कम हमें कुछ भी मंजूर नहीं है।

Source link

Most Popular

क्रिसमस डे पर चर्च पहुंचे पीएम मोदी? एक साल पुरानी फोटो गलत दावे से वायरल

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐपएक महीने पहलेकॉपी लिंकक्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर...

दतिया-शिवपुरी के बाद जौरा में भी मिले 2 मृत कबूतर, जांच के लिए भोपाल भेजा दोनों का बिसरा

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐपमुरैना/जौरा13 दिन पहलेकॉपी लिंकजौरा में मृत मिले कबूतर।दतिया-शिवपुरी व श्योपुर के...

चंंबल वाटर प्रोजेक्ट, उसैद घाट पुल व आसन बैराज के लिए बजट नहीं, अप्रैल में मिला तो सितंबर में काम शुरू होगा

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें हलचल टुडे ऐपमुरैना13 दिन पहलेकॉपी लिंकचंबल नदी, जहां मुरैना तक पानी पहुंचाने बनाया...